रनिंग करते समय कैसे ब्रीथ की शॉर्टनेस को कर सकते हैं कम, जानिए टिप्स

 जब तक हम दौड़ना शुरू करते हैं, तब तक हमारी मांसपेशियां शारीरिक परिश्रम से निपटने के लिए तैयार हो जाती हैं। जॉगिंग या रनिंग शुरू करने से पहले कुछ हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज काफी है। 

रनिंग करते समय कैसे ब्रीथ की शॉर्टनेस को कर सकते हैं कम, जानिए टिप्स
रनिंग एक इंटेंस फिजिकल एक्टिविटी

t4unews:-  रनिंग करना एक इंटेंस फिजिकल एक्टिविटी है जिसमें हमारी मांसपेशियों को बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। हमारे शरीर में अधिक कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है, जिसे अधिक ऑक्सीजन के साथ बदलने की आवश्यकता होती है। यह अतिरिक्त सांस लेना और सांस छोड़ना सांस की तकलीफ पैदा कर सकता है। नीचे दिए गए सुझाव दौड़ने के दौरान सांस की तकलीफ को कम करने में मदद करने के सुझाव हैं। वॉर्म अप हमारे शरीर की गर्मी बढ़ाने से हमें अपनी मांसपेशियों और टिशू में ब्ल्ड फ्लो को बढ़ाने में मदद मिलती है। जब तक हम दौड़ना शुरू करते हैं, तब तक हमारी मांसपेशियां शारीरिक परिश्रम से निपटने के लिए तैयार हो जाती हैं। जॉगिंग या रनिंग शुरू करने से पहले कुछ हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज काफी है। शॉर्ट ब्रेक दौड़ते समय कुछ छोटे ब्रेक लेने से हमें काफी मदद मिलती है।

छोटे ब्रेक सांस को नॉर्मल करते हैं और सांस की शॉर्टनेस को रोकने में मदद करते हैं। दोड़ने के दौरान अपनी स्पीड को थोड़ा धीमा कर लेने से भी आपको मदद मिली है। ब्रीदिंग एक्सरसाइज ब्रीदिंग एक्सरसाइज फेफड़ों और हृदय को उनकी क्षमता बढ़ाने में मदद करती हैं। यहां हम आपको एक सामान्य ब्रीदिंग एक्सरसाइज बता रहे हैं जिसे कोई भी कर सकता है। सबसे पहले नाक के माध्यम से धीरे-धीरे सांस लीजिए। सांस को 10 सेकंड के लिए रोककर रखें और फिर मुंह से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। अगर आपको लंबे समय तक ब्रीद शॉर्टनेस की समस्या बनी रहती है तो ये किसी बीमारी का लक्षण भी हो सकती है। ऐसे मामलों में आपको किसी चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। मेडिकल इश्यू स्टडी के अनुसार, हाई-इंटेनसिटी वाली एक्सरसाइज अस्थमा संबंधी स्थिति का कारण बन सकते हैं जिन्हें ब्रोन्कियल हाइपररिस्पॉन्सिव के रूप में जाना जाता है। यह स्थिति एक्सरसाइज के बाद वायु मार्ग के रुकावट का कारण बनती है। एक्सरसाइज शुरू करने से पहले मरीजों को ब्रोन्कोडायलेटर्स की आवश्यकता होगी। दौड़ने के दौरान अगर आपको सांस की तकलीफ, खांसी और कफ होता है तो आपको डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। इस तरह के लक्षण फेफड़ों से संबंधित बीमारी के हो सकते हैं। 

Source Dainik bhaskar



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