किसान  लगा सकेंगे आय बढ़ाने के लिए solar plant 

सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली को बेचकर
बिजली प्रदाताओं को उनके खेतों में स्थापित, वे अतिरिक्त रुपये बना सकते हैं।

इस योजना के तहत किसान अपनी जमीन पर सौर ऊर्जा उत्पादन संयंत्र स्थापित करेंगे। विभिन्न बैंकों की सहायता से बंजर या अनुपयोगी कृषि भूमि। इसके अतिरिक्त,सरकार इसके लिए सब्सिडी प्रदान करेगी, और इस प्रकार बिजली बेचकर सरकार या निजी बिजली कंपनियों को उत्पादित बिजली किसानों को सक्षम बनाएगी।

किसान  लगा सकेंगे आय बढ़ाने के लिए solar plant 
SOLAR KUSUM

t4unews:-किसान  लगा सकेंगे आय बढ़ाने के लिए solar plant 

 यूपीपीसीएल अब दिल्ली सरकार की तरह युद्ध स्तर पर लग चुकी है।
इस योजना के तहत किसान अपनी बंजर भूमि पर सोलर पैनल लगा सकते हैं।सौर ऊर्जा से बिजली पैदा करना और उसे बेचकर हर महीने पैसा कमाना विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी बिजली फर्मों के लिए आसान होने जा रहा है।

बता दे की लखनऊ में किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास में उत्तर प्रदेश पावर निगम (यूपीपीसीएल) ने निजी के साथ बिजली खरीद समझौता किया है।
डेवलपर्स अपने बंजर भूमि पर 7 मेगावाट के सौर ऊर्जा उत्पादन संयंत्र स्थापित करेंगे। किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के हिस्से के रूप में छह जिलों में भूमि (कुसुम) योजना में  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सौर ऊर्जा उत्पादन संयंत्र बिजनौर, हाथरस, महोबा, जालौन, देवरिया और लखनऊ में स्थापित करेगें।
यूपीपीसीएल के प्रमुख एम देवराज ने यह जानकारी विश्व सूत्रों से दिया ।


इस योजना के तहत किसान अपनी जमीन पर सौर ऊर्जा उत्पादन संयंत्र स्थापित करेंगे। विभिन्न बैंकों की सहायता से बंजर या अनुपयोगी कृषि भूमि। इसके अतिरिक्त,सरकार इसके लिए सब्सिडी प्रदान करेगी, और इस प्रकार बिजली बेचकर सरकार या निजी बिजली कंपनियों को उत्पादित बिजली किसानों को सक्षम बनाएगी।
यूपीपीसीएल प्रमुख ने कहा कि उनकी आय को बढ़ावा देंगे।

उन्होंने आगे कहा कि किसानों को सब्सिडी के रूप में सोलर पंप 
योजना के अनुसार 1 मेगावाट सोलर लगाने के लिए 5 एकड़ जमीन की जरूरत होती है।यानी एक एकड़ जमीन से 0.2 मेगावाट बिजली पैदा होती है। 
इस योजना से किसान अपने घर में बिजली से जुड़ी समस्याओं को भी दूर कर सकते हैं।



बिजनौर के विलासपुर गांव में लगेगा डेढ़ मेगावाट का सौर ऊर्जा उत्पादन संयंत्र हाथरस के मौहारी में 0.5 मेगावाट (500 किलोवाट), महोबा के देवगांव में 1-1 मेगावाट, जालौन के खुकसीस व देवरिया जिले के बरियारपुर गांव में 2 मेगावाट सौर ऊर्जा लखनऊ के परसेनी गांव में जनरेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम से किसानों को दो लाभ होंगे। वे पहले पुराने डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंपों का इस्तेमाल कर सकेंगे।

दूसरा, सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली को बेचकर बिजली प्रदाताओं को उनके खेतों में स्थापित, वे अतिरिक्त रुपये बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हर साल 80,000 तक कीमत की बिजली वह पैदा कर सकते हैं।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वाट्सएप संदेशों के जरिए उत्तर प्रदेश सत्ता कॉर्पोरेशन (UPPCL) बिजली उपयोगकर्ताओं को उनके बिल और अन्य के संबंध में सेवाएं प्रदान करता है।

जानकारी के अनुसार  उत्तरदेश में इस समय करीब 3.30 करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं।जिसे प्राप्त करने की सुविधा का लाभ उठाने के लिए 33 लाख ने अपनी सहमति दे दी है।

अब देखना यह है कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर भारत के सभी अन्य प्रदेश और उनके मुख्यमंत्री भी ऋण एवं क्षेत्र में अपनी कितनी रुचि दिखाते हैं।



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