भोपाल में होने वाला विरोध प्रदर्शन अब नहीं; बोले अब स्कूल खुल गए हैं, इसलिए कोई विरोध नहीं

  सरकार आगे भी प्राइवेट स्कूल/कॉलेज संचालकों के साथ मिलकर मंथन करेगी, ताकि प्रदेश में विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की अकादमिक क्षति ना हो। हड़ताल का ज्यादा असर नहीं हुआ इधर हड़ताल को सिर्फ एसोसिएशन से जुड़े स्कूलों में असर तो दिखाई दिया, लेकिन अन्य स्कूल और कॉलेज खुले रहे। अब तक स्कूल बंद होने का असर सबसे ज्यादा सरकारी स्कूल में पड़ा है। 

भोपाल में होने वाला विरोध प्रदर्शन अब नहीं; बोले अब स्कूल खुल गए हैं, इसलिए कोई विरोध नहीं
एसोसिएशन ऑफ अन एडेड प्राइवेट स्कूल्स

t4unews : मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले स्कूल-कॉलेज संचालकों के तेवर अब नरम हो गए हैं। स्कूल कॉलेज नहीं खुलने की स्थिति में विरोध प्रदर्शन कर गिरफ्तारी देने की बात करने वाले संस्थानों ने अब अपने कदम पीछे खींच लिए है। यह फैसला सरकार के निजी शिक्षण संस्थानों को 18 दिसंबर से खोलने के फैसले के बाद लिया गया है। हालांकि वह अपनी मांगों को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन जरूर देंगे। एसोसिएशन ऑफ अन एडेड प्राइवेट स्कूल्स, सोसाइटी फॉर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स, एसोसिएशन ऑफ टेक्निकल प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट एवं एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की ओर से अनुपम चौकसे, विनी राज मोदी, केसी जैन, आशीष चटर्जी एवं बाबू थॉमस ने बताया कि सरकार ने 18 दिसम्बर से कक्षा नौवीं से बारहवीं हेतु विद्यालय खोलने की अनुमति जारी कर दी है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा विभाग ने भी एक जनवरी से कुछ शर्तों के साथ कॉलेज खोलने का एलान किया है। तकनीकी शिक्षा सचिव ने भी अन्य कॉलेजों के साथ इंजीनियरिंग एवं अन्य सभी व्यावसायिक कॉलेज खोलने का प्रस्ताव आदेशार्थ भेज दिया है।

विनी राज मोदी ने बताया कि शासन के निर्णय लेने के बाद मंगलवार दोपहर प्रदेश के सभी निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों की कार्यकारिणी बैठक हुई। इसमें विरोध प्रदर्शन रद्द करने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि सरकार ने प्रत्येक स्तर पर मांगों के प्रति सकारात्मक रवैया दिखाया है। इसी कारण 16 दिसंबर को घोषित शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। संचालकों की कार्यकारिणी जल्दी ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपनी समस्याओं एवं अन्य सभी मांगो को लेकर एक ज्ञापन देंगे। फिर शुरू होगी लाइन क्लास एसोसिएशन के संबंधित स्कूलों ने प्रदेश के अधिकतर निजी स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन/ऑफलाइन शिक्षण बंद रहा। हालांकि अब कल से यह सुचारु रूप से चालू रहेगा। उन्होंने आशा जातई की सरकार आगे भी प्राइवेट स्कूल/कॉलेज संचालकों के साथ मिलकर मंथन करेगी, ताकि प्रदेश में विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की अकादमिक क्षति ना हो। हड़ताल का ज्यादा असर नहीं हुआ इधर हड़ताल को सिर्फ एसोसिएशन से जुड़े स्कूलों में असर तो दिखाई दिया, लेकिन अन्य स्कूल और कॉलेज खुले रहे। अब तक स्कूल बंद होने का असर सबसे ज्यादा सरकारी स्कूल में पड़ा है। 

Credit Dainik bhaskar 



Download smart Think4unity app