सौभाग्य योजना के बकाया भुगतान हेतु आमरण अनशन का पांचवां दिन

विद्युत कंपनी ने ठेकेदारों से काम करा लिया और भुगतान रोक दिया ,सौभाग्य योजना के बकाया भुगतान हेतु आमरण अनशन का पांचवां दिन , प्रबंधन ने माना भुगतान बाकी है , १४५ करोड़ देनदारियां है ।भुगतान , प्रथम चरण में १२ जिलों में हो सकता है भुगतान , ठेकेदार संगठन की मेहनत रंग ला सकती है , प्रमुख सचिव को बिना बताये प्रभारी चीफ फाइनेंसियल अफसर पी के क्षत्रिय ने रोक दिया था भुगतान करना | आमरण अनशन स्थल पर कोई अधिकारी अभी तक नहीं गया है बात करने , ठेकेदार हैं नाराज , पुराने ठेकेदारों ने टेंडर डालना किया बंद , पुराने कार्यों को करने से रोका , ठेकेदारों ने कहा भ्रष्टाचार है हावी , १५ प्रतिशत कमीशन दिये बिना कार्य नहीं मिलता है ,एस ए एम सी योजना ने अधिकारीयों को किया मालामाल | 

t4unews:आज मध्य भारत विद्युत् ठेकेदार संगठन द्वारा आयोजित आमरण अनशन का पांचवा दिन है । कंपनी को प्रतिदिन ठेकेदार संगठन द्वारा पत्र दिया जा रहा है । कंपनी प्रशासन अपनी हाथ पर बैठा हुआ है । अभी तक आमरण अनशन स्थल पर कोई भी अधिकारी ठेकेदार संगठन से मिलने नहीं आया है न ही किसी प्रकार का कोई आश्वासन ही मिला है | शक्ति भवन के द्वार के सामने मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में इस समय अनिश्चितकालीन आंदोलन चल रहा है । इस आंदोलन की मूल वजह समय पर ठेकेदारों का भुगतान न किया जाना है। कार्य करवाते वक्त यह कहा गया था कि हम आप के बिलों का भुगतान लगातार सात दिनों में करते रहेंगे ।यही मूल वजह थी कि सारे ठेकेदारों ने अपने घर गिरवी करके और साथ में अन्य जगह से कर्ज लेकर कार्य करवाने में अपनी रुचि दिखाई और इस शुरुआत के तौर पर लगातार ७ दिनों में भुगतान हुआ भी ।

इंतजार की इंतहा हो गई है

यह करीब 1 से डेढ़ महीने लगातार चलता रहा परंतु अप्रैल 2018 से इस प्रकार के भुगतान को रोक दिया गया और यह कहा गया कि अधिकारीयों द्वारा भ्रष्टाचार हो रहा है और कई जगहों पर घोटाले हो रहे हैं | भुगतान रोकने के साथ में मापन कार्य को भी रोक दिया गया। जिस कारण शेष ठेकेदारों द्वारा किये गए कार्यों का मापन नहीं हो पाया था ।जिस वजह से ठेकेदार हद से ज्यादा परेशान हो गए और लोगों के भुगतान रुक गए | उस भुगतान को इस आज तक लगातार ढाई वर्ष व्यतीत हो जाने के बाद में भी चालू नहीं करवाया गया जिस कारण लोगों के आर्थिक स्थिति पर बहुत विपरीत प्रभाव पड़ा | ठेकेदार संगठन ने लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से दिन-प्रतिदिन संपर्क करता चला आ रहा है और उनकी किसी भी प्रकार की कोई भी सुनवाई नहीं की गई ।सैकड़ों पत्राचार हुए परंतु इसका भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला। सैकड़ों पत्राचार होने के बाद जब लोगों ने प्रथम आमरण अनशन किया तो माननीय प्रबंध संचालक वि किरण गोपाल ने ठेकेदारों को यह आश्वासन दिया कि आप लोगों का भुगतान हम 1 महीने के अंदर कर देंगे अभी गोपनीय प्रकार की कोई जांच की जा रही है । परंतु 1 महीने से यह 3 महीने हो गए लेकिन आज तक किसी प्रकार की पुनः कोई सुनवाई नहीं हुई ।

अब तो ले देकर भी समस्या का हल नहीं हो रहा 

ठेकेदारों ने परेशान होकर पुनः अनेक पत्राचार किए और अपना आमरण अनशन दिनांक 21 नवंबर से पुनः प्रारंभ कर दिया। आज अनशन का 5 दिन समाप्त होने की कगार पर है परंतु मध्य प्रदेश विद्युत मंडल का कोई भी अधिकारी आज तक धरना स्थल पर आने के लिए तैयार नहीं है ।

उन्हें ठेकेदार बंधुओं के साथ किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं है। यह वही ठेकेदार बंधु है जो लगातार विगत 3 सालों से अपना पैसा फसा कर कार्य करके घर पर बैठे हुए हैं । अब क्योंकि मामला जांच के दायरे में है और बेईमान और सही ठेकेदारों के कार्यों की जांच का है ऐसे समय कोई भी अपने हाथ इस आग में डालने के लिए तैयार नहीं है ।सारे अधिकारी और नेता इस मामले से कन्नी काटते नजर आ रहे हैं ।केवल कर्ज के फांसी का फंदा उन ठेकेदारों के गले पर है जिन्होंने अपनी हैसियत से ज्यादा कर्ज लेकर इस बहती हुई गंगा ममे स्नान करने की कोशिश की, और वे  धारों धार बह रहे हैं।

अब आगे क्या होगा?

 इस पूरे प्रकरण में लगभग 12 ठेकेदारों के परिवार में अत्यधिक गंभीर स्थिति बनी हुई है ।वह परिवार के साथ आत्महत्या करने की बात कर रहे हैं। विभाग द्वारा इस विषय पर कोई गंभीर कदम नहीं उठाने के कारण भविष्य में किसी प्रकार की आत्महत्या करने वाले प्रकरण की जिम्मेदार अब विभाग और प्रशासन होगा जो इन्हें आत्महत्या करने के लिए उकसा रहा है। इस प्रकार कोई कार्यवाही न करना या मानवीय मूल्यों का अवमूल्यन दर्शाता है |

यह विचार श्री जनार्दन प्रसाद सिंह दुबे  अ वर्ग विद्युत ठेकेदार के अध्यक्ष के द्वारा व्यक्त किए गए हैं।

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आमरण अनशन

लाइन और ट्रांसफार्मर बैठाने वाली  सौभाग्य योजना अब विद्युत ठेकेदारों के लिए जी का जंजाल बन गई है और वे आमरण अनशन पर है.... https://public.app/s/WKQvT



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