शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए  यह फूल, अर्पण करने पर नहीं पड़ती बुरी छाया

 ज्योतिष में शनिदेव को प्रसन्न करने के कई तरह के उपाय बताए गए हैं। शनिदेव को आक के फूल बहुत ही प्रिय होता है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सरसों के तेल साथ आक के फूल भी अर्पित कर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। शनिवार के दिन साबुत दाल और तिल का दान करने से शनि दोष से छुटकारा मिलता है।

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए  यह फूल, अर्पण करने पर नहीं पड़ती बुरी छाया
shani dev temple

t4unews:-न्याय के देवता शनिदेव इस समय मकर राशि में विराजमान हैं। मकर राशि से पहले शनि धनु राशि में थे। मौजूदा समय में तीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती और दो पर ढैय्या चल रही है। धनु, मकर और कुंभ पर साढ़ेसाती और मिथुन व तुला राशि पर ढैय्या। शनि की साढ़ेसाती लगने पर जातक को दोनों तरह का प्रभाव देखने को मिलता है। कुंडली में अगर शनि शुभ भाव में आकर बैठे हैं तो जातक को मालामाल बना देते हैं, लेकिन वहीं अगर शनि जातक के लिए अशुभ है तो जीवन में बीमारियां और परेशानियां आती रहती है।

 

 किसी भी व्यक्ति के जीवन में एक बार शनि की दशा अवश्य आती है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनि किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षो तक रहते हैं। इस प्रकार से शनि किसी एक राशि में रहने के बाद दोबारा 30 वर्षो के बाद लौटकर आते हैं। शनिदेव को न्याय के देवता के रूप में माना जाता है। यह व्यक्ति को उनके द्वारा किए गए अच्छे कार्यों करने पर अच्छा फल और बुरे कर्म करने पर जातक पर बुरी द्दष्टि डालते हैं। शनि की दशा खराब चलने पर जातक को ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं हैं। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय करना चाहिए।

 

 ज्योतिष में शनिदेव को प्रसन्न करने के कई तरह के उपाय बताए गए हैं। शनिदेव को आक के फूल बहुत ही प्रिय होता है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सरसों के तेल साथ आक के फूल भी अर्पित कर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। शनिवार के दिन साबुत दाल और तिल का दान करने से शनि दोष से छुटकारा मिलता है।

 

 शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी और भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए। जो भी नियमित रूप से भगवान शंकर और हनुमानजी की आराधना करता है वह शनि की कुदृष्टि से बचा रहता है।

Credit amar ujala

 



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