सबसे ज्यादा बुद्धिमान बच्चा किस महीने में पैदा होता है

अभिभावकों को 9 माह विपरीत दिशा में जाकर फैमिली की प्लानिंग करनी चाहिए जिसके आधार पर यदि आपके घर किसी जातक का जन्म भी हो तो उसका नौवां या दसवां महीना लगभग उन्हीं मांहों में पड़े ।बाकी के माह में हमें इस प्रकार की संतति को उत्पन्न करने से रोकना चाहिए कि वह हमेशा दुर्भाग्य के चक्कर में पढ़ा रहे हैं। ऐसा भारतीय ज्योतिष और दर्शन कहता है कि हमें पशुओं के समान अपने संतति की उत्पत्ति नहीं करनी चाहिए।

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सबसे ज्यादा बुद्धिमान बच्चा किस महीने में पैदा होता है

t4unews:-ज्यादा बुद्धिमान बच्चा किस महीने में पैदा हुआ होता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सबसे ज्यादा बुद्धिमान बच्चा किस महीने में पैदा होता है

सबसे ज्यादा बुद्धिमान बच्चा किस महीने में पैदा होता है हम अभी तक के अपने अनुभव और अध्ययन के आधार पर यह बता सकते हैं कि किस माह में जन्मे बच्चे बहुत ज्यादा भाग्यशाली विद्वान और अपने कुल के दीपक होते हैं। इसके अनुसार पर अभिभावकों को 9 माह विपरीत दिशा में जाकर फैमिली की प्लानिंग करनी चाहिए जिसके आधार पर यदि आपके घर किसी जातक का जन्म भी हो तो उसका नौवां या दसवां महीना लगभग उन्हीं मांहों में पड़े ।बाकी के माह में हमें इस प्रकार की संतति को उत्पन्न करने से रोकना चाहिए कि वह हमेशा दुर्भाग्य के चक्कर में पढ़ा रहे हैं। ऐसा भारतीय ज्योतिष और दर्शन कहता है कि हमें पशुओं के समान अपने संतति की उत्पत्ति नहीं करनी चाहिए।

सबसे ज्यादा बुद्धिमान बच्चा किस महीने में पैदा हुआ होता है

अच्छे और बुरे कर्म के आधार पर वर्तमान भाग्य निर्भर करता है ऐसा हमारा सनातन धर्म मानता है।

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि सबसे ज्यादा बुद्धिमान बच्चा किस महीने में पैदा हुआ होता है। अगर ज्योतिष शास्त्रों की माने तो जन्म का समय व्यक्ति के बारे में बहुत कुछ बताता है। आवश्यकता है इसे अच्छी तरीके से समझने की।

जन्मकुंडली को जन्म की तारीख और समय से ही बनाया जाता है और ज्योतिष शास्त्र में इसी कुंडली को देख कर व्यक्ति के उसके अच्छे बुरी कर्म, उसका भविष्य और उसकी मृत्यु तक के बारे में जानने की विधियां बताइ गई हैं।

इसलिए यह बताना ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बहुत ही आम बात है कि किस महीने में जन्मे बच्चे सबसे अधिक बुद्धिमान होते हैं। तो मित्रों हमारे वीडियो को हम शुरू करते हैं।

मित्रों, आप यह तो जानते ही होंगे कि हमें अपने कर्म के अनुसार ही फल प्राप्त होते हैं। अगर कोई व्यक्ति अच्छे कर्म करता है तो उसे अच्छा फल मिलता है और अगर बुरे कर्म करता है तो उसे बुरा फल मिलता है।

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पिछले जन्मों के कर्मों का फल से निर्णय 

साथ ही अच्छे और बुरे कर्म हमारे पिछले जन्मों से भी आते हैं। हम देखते हैं कोई बच्चा बहुत ही अमीर घर में जन्म लेता है और उसका जीवन सुख सुविधाओं से घिरा हुआ होता है तो कोई बच्चा ऐसा भी होता है जो एक गरीब परिवार में जन्म लेता है और उसका जीवन दुखों से भरा हुआ होता है। मनुष्य के बच्चों के उत्पन्न होने का तरीका सभी के लिए समान है मगर वह किस योनि के माध्यम से इस संसार में आएगा इस अभिभावक के घर किस पुण्य आत्मा के घर कौन जन्म लेगा यह निर्भर करता है उसकी प्लैनिंग पर आप हमेशा जानते थे कि राज ज्योतिषी राजाओं को हमेशा बताया करते थे कि अमुक नक्षत्र तिथि वार को आप संजोग करिए आपके घर में यशस्वी कुलदीपक राज को बढ़ाने वाला राजकुमार जन्म लेगा यह सब उसी के सिद्धांत पर होता था।

अभी उस छोटे से बच्चे ने कोई कर्म तो नहीं किए हैं फिर यह कैसे संभव है कि एक बच्चे को सब कुछ अच्छा अच्छा मिल रहा है और एक बुरा। मित्रों ऐसा हमारे पूर्व जन्मों के कर्मों से निर्धारित होता है।

जिस बच्चे ने अमीर घर में जन्म लिया है उसने अपने पिछले जन्म में कुछ ना कुछ अच्छे कर्म जरूर किए होंगे। वहीं जिस बच्चे ने गरीब घर में जन्म लिया है उसने अपने पिछले जन्मों में कोई बुरे कर्म जरूर किये होंगे।

कर्मों के आधार पर ही स्वस्थ शरीर और तेज बुद्धि प्राप्त होती है

इसी तरह कर्मों के अनुसार व्यक्ति को शरीर और बुद्धि भी प्राप्त होती है। कई लोग शरीर से बड़े स्वस्थ होते हैं, ये कुछ भी खा लें उसे पचा लेते हैं और कभी बीमार नहीं पड़ते। दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके शरीर स्वस्थ नहीं होते, ये दलिया के अलावा कुछ खा नहीं पाते और समय-समय पर बीमार पड़ते रहते हैं।

यह भी कर्मों के आधार पर ही निर्धारित होता है। जिन लोगों ने बहुत अधिक पुण्य किए होते हैं उन्हें एक स्वस्थ शरीर प्राप्त होता है। जिसने पाप किये होते हैं उसे अस्वस्थ शरीर प्राप्त होता है और वह बीमार पढ़कर अपने बुरे कर्मों का फल भोगता है।

इसी तरह जिन व्यक्तियों ने पुण्य किए होते हैं उन्हें अच्छी बुद्धि भी प्राप्त होती है जिसका इस्तेमाल करके भी जीव की उपलब्धियों को हासिल करते हैं और सुख पूर्वक अपना जीवन व्यतीत करते हैं। लेकिन जिन व्यक्तियों ने पाप कर्म किए होते हैं उन्हें मंद बुद्धि प्राप्त होती है जिसके चलते वे कभी सफल नहीं हो पाते और हमेशा अपयश का सामना उन्हें करना पड़ता है।

जनवरी और फरवरी में जन्मे बच्चे बुद्धिमान होते हैं

जनवरी और फरवरी में जन्मे बच्चे बहुत ही बुद्धिमान होते हैं। ये अपने आप पर यकीन रखते हैं और बचपन से ही अपने जीवन की डोरअपने हाथों में ले लेते हैं। ये स्वयं के मालिक होते हैं और अपने जीवन में नई बुलंदियों को हासिल करते हैं। ऐसे बच्चों के माता-पिता बड़े ही भाग्यशाली होते हैं क्यूंकि ऐसे बच्चे अपने माता-पिता का नाम रोशन करते हैं। क्योंकि उनके जन्म के समय ग्रह और नक्षत्र ऐसे भाव और खंड में रहते हैं जो उन्हें इस प्रकार का फल प्रदान करते हैं।

मार्च और अप्रैल में जन्मे बच्चे क्रोधी स्वाभाव के होते हैं

ये बच्चे बात बात पर गुस्सा करते हैं और अपने आप को सबसे ज्यादा श्रेष्ठ सिद्ध करने की कोशिश में लगे रहते हैं। ये अपने भाग्य को बनाने को बनाने के लिए किसी का भी नुकसान करने से पीछे नहीं हटते। यह लोग बहुत शक्तिशाली भी होते हैं। यह अपने करियर को बनाने के लिए अन्याय का सहारा लेते हैं और उन्हें इस बात पर जरा भी अफसोस नहीं होता।क्योंकि उनके जन्म के समय ग्रह और नक्षत्र ऐसे भाव और खंड में रहते हैं जो उन्हें इस प्रकार का फल प्रदान करते हैं।

मई और जून में जन्मे बच्चे भाग्यशाली नहीं होते

ऐसे बच्चे दिल के साफ होते हैं और दूसरों की सहायता करने की कोशिस करते हैं लेकिन इनका भाग्य इनका साथ नहीं देता। ये अक्सर लोगों के द्वारा दिए जाने वाले धोके का शिकार बनते हैं और व्यापार में इन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।क्योंकि उनके जन्म के समय ग्रह और नक्षत्र ऐसे भाव और खंड में रहते हैं जो उन्हें इस प्रकार का फल प्रदान करते हैं।

यह बच्चे अपना भविष्य स्वयं ही सुनिश्चित करते हैं चाहे इसके लिए उन्हें धर्म के मार्ग पर चलना पड़े या अधर्म के मार्ग पर क्योंकि आम के पेड़ पर आम ही फल लगते हैं।

जुलाई और अगस्त के महीने में जन्मे बच्चे दयालु स्वभाव के होते हैं

ये बहुत ही भाग्यशाली और सरल स्वभाव के होते हैं। ये दूसरों की सहायता करते हैं और अपने माता-पिता की सेवा करने से कभी पीछे नहीं हटते। इस महीने में जन्मे लोग दूसरों की नजरों में महान बनने का प्रयास करते हैं और अक्सर इन्हें सफलता भी मिलती है।

सितंबर और अक्टूबर में जन्मे बच्चे आस्तिक होते हैं

ये ईश्वर पर भरोसा रखते हैं और ईश्वर की भक्ति में विश्वास रखते हैं। ये ईश्वर की भक्ति में ज्यादा समय लगाते हैं और अपने भाग्य को बनाने के लिए कभी छल कपट का सहारा नहीं लेते।

ये हमेशा धर्म के मार्ग पर चलते हैं और अपने परिवार का ख्याल रखतने में सक्षम होते हैं। इन लोगों के जीवन में बहुत सी कठिनाईयां आती हैं लेकिन ईश्वर की कृपा इन पर हमेशा बनी रहती है। ये बहुत बुद्धिमान भी होते हैं।

नवंबर और दिसंबर में जन्मे बच्चे अपने विचारों में स्थित होते हैं

ये दूसरों की भावनाओं को समझ पाने में सक्षम होते हैं और अपने विचार में स्थित होते हैं। ये अपने परिवार से अधिक देश भक्ति में समय बिताना पसंद करते हैं। ये दूसरों की मदद करने की कोशिश करते हैं। इनके जीवन में भी समस्याएं आती हैं लेकिन दूसरों की मदद करने के अपने स्वाभाव के कारण ये बच जाते हैं। ये अपने माता पिता की सेवा करते हैं और उनके आशीर्वाद में विश्वास रखते हैं।क्योंकि उनके जन्म के समय ग्रह और नक्षत्र ऐसे भाव और खंड में रहते हैं जो उन्हें इस प्रकार का फल प्रदान करते हैं।

अगले वीडियो में हम जानेंगे प्लानिंग से बच्चे जन्म देने के लिए क्या सेरोगेसी मदर के द्वारा टेस्ट ट्यूब बेबी के द्वारा बच्चों की उत्पत्ति की जाए?

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