अरे इस पर तो मेरा कॉपीराइट है

अरे इस पर तो मेरा कॉपीराइट है इसे कोई कैसे चुरा सकता है?

अरे इस पर तो मेरा कॉपीराइट है
nitish kejariwal

t4unews:-अरे इस पर तो मेरा कॉपीराइट है इसे कोई कैसे चुरा सकता है?

एक गाना सुना था बदतमीज दिल बदतमीज दिल कान में नगीना देखा .... इसलिए मारा मुक्का। आजकल लोगों को अपनी भड़ास निकालने के लिए सीधे फिल्मी अंदाज अच्छा लगता है ।या कह सकते हैं कि यह प्रायोजित भी हो सकता है ।जैसे कुछ नेताओं ने अपनी भूमिका और सहानुभूति की लहर जूते चप्पल खाने के बजाय थप्पड़ और मुक्का खाने से ही बना ली थी ।ऐसा पब्लिक का मानना है इसमें आधा सच आधा झूठ और कुछ अफसाना भी हो सकता है।



Download smart Think4unity app