5 करोड़ 71 लाख मूल्य की मदिरा जप्त और ​भाग तीन_अभी तो मुझे कैरियर बनाना है

5 करोड़ 71 लाख मूल्य की मदिरा जप्त

भाग तीन_अभी तो मुझे कैरियर बनाना है

​sahara related rti first apeal reject | Why was the first appeal dismissed
रोमांस में समय काफी चाहिए ऐसा मानना है आजकल के युवा पीढ़ी का। शादी के बाद तो केवल बाल बच्चे और गृहस्ती के चूल्हा चक्की में व्यस्त रह जाते है लोग उससे बचने के लिए केवल मिलना जुलना और मौज मस्ती धींगा मस्ती में अपने यौवन को गुजारना चाहते हैं ऐसे ही 2 युवाओं की धड़कन की कहानी कबीर और समीरा की रवानी जो हर पल को उतार-चढ़ाव में जीना चाहते हैं। पर समाज की रीति रिवाजों के बंधन को जानते समझते हुऐ किस अधिकतम सीमा को पार कर जाते हैं पढ़िए इस उपन्यास में
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5 करोड़ 71 लाख मूल्य की मदिरा जप्त

सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री राकेश सिंह ने जानकारी दी है कि एक जून से एक जुलाई 2022 तक प्रदेश में 50 हजार 385 बल्क लीटर मदिरा जप्त की गयी है। जप्त की गयी मदिरा का अनुमानित मूल्य 5 करोड़ 71 लाख 61 हजार 188 रूपये है। सर्वाधिक 13 हजार 29 बल्क लीटर मदिरा धार में जप्त की गयी है।

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भाग तीन_अभी तो मुझे कैरियर बनाना है

सलीम बोला जब चारों तरफ कामकाज और रुपया पैसे का टोटा होने लगा तब मैंने पार्ट टाइम रात में काम चालू किया था।

दिन में अपने ऑफिस में काम और रात में 1 घंटे का टाइम कंप्यूटर पर बैठकर काम करने का होता था। कंप्यूटर में हम बैठते थे उस पर एक कोड डालना होता था।

उस कोड को लेकर हमें जो हमारे एक रोज गोपनीय जगह बदलती थी। वहां पैकेट मिलता था ।

उसमें उस कोड नंबर को लिखना पड़ता था। कोड नंबर लिखने के बाद उस पैकेट को ले जाने के लिए एक डिलीवरी बॉय आया  करता था ।

सिर्फ कोड लिखने का हमको रोज नाइट में ₹200 मिल जाता था ।
1 दिन डिलीवरी बॉय नहीं आया तो मुझे कॉल आया।

क्या आप इस पैकेट को मेरे बताए जगह तक पहुंचा सकते हो? आपको ₹300 और ज्यादा मिलेंगे। मैंने कहा कोशिश करूंगा। मैंने ले जाकर वो डिलीवरी वहां दे दे।

डिलीवरी किसी मकान नंबर 212 पोस कॉलोनी की थी।

वहां से एक बूढ़ा शख्स बाहर निकला जो दिखने में अमीर था ।उसने मुझसे वह पैकेट लिए और एक दूसरा कोड मुझे दिया। मैं वह कोड लेकर वापस कंप्यूटर में डाल दिया ।
बस इतने काम कि मुझे ₹500 रोज मिलने लगे ।

कुछ चक्कर था उस पुराने वाले डिलीवरी ब्वॉय का । इसलिए उसे हटा दिया गया था और मुझे काम दे दिया गया था।

कुछ दिन बाद यह काम बंद हो गया। शायद रुक रुक काम चालू होता है।
अब यह मत पूछना कि उस पैकेट में क्या है और उसे कोई क्यों लेता है ,क्या क्या होता है ?
मैंने तेरे को कुछ लोन दिए हैं वह उसी पैसे से बचत करके दिए थे । सोचा था...  भाई तू मुझे हर माह सूद देगा तो मेरी भी कुछ कमाई हो जाएगी पर तू तो एक नंबर का फक्कड़ निकला ।तेरे को लूट लिया तेरी उस होने वाली ने।

बोल करेगा काम ?
थोड़ा रिस्क तो लेना पड़ेगा।

उस पैकेट में क्या होता है तेरे को मालूम है ? कबीर ने कुतूहल वश पूछा।
ना रे बाबा ना ....अपने को आम खाने से मतलब ,

1 महीने मैंने काम करके देख लिया था। काम सरल लगा था पर लगता तो कुछ चक्कर वक्कर है ।उसमें तभी ₹500 मिलते हैं ।वरना आज के समय में लोग बोलने और मनाने पर भी आपकी कटी उंगली में पेशाब नहीं करते ।

वो  ₹500 क्यों देते हैं ?

यह मैंने जानने की कोशिश इसलिए नहीं किया क्योंकि मुझको पहले ही बता दिया था कि अपने काम से मतलब रखो। ज्यादा यहां वहां की करोगे तो काम से हटा दिए जाओगे।

बस फिर मैंने कुछ नहीं पूछा था, और 1 महीने तक काम चलने के बाद वो काम बंद हो गया था ।

अभी फिर से उनका एक मैसेज आया है काम चालू होने वाला है। यदि करना है तो बताओ।

लेकिन इस बार उनको एक फीमेल कैंडिडेट भी चाहिए । अब  इस काम के लिए तेरे उस से बढ़कर और कौन हो सकता है?
यदि ओ तेरी वाली  कमाना चाहती है ,उडाना चाहती है तो आ जाए काम पर ।एक-दो घंटे में कुछ फर्क नहीं पड़ता।

कबीर कुछ गहरी सोच में पड़ गया कि क्या समीरा जो केवल जोंक की तरह चिपक कर पैसे उड़ाना जानती है ,क्या पैसे की भूख उसके अंदर होगी?

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कबीर ने समीरा को फोन लगाया।
कैसी हो जान ..आजकल कुछ खफा-खफा सी रहती हो ।

समीरा  चुप थी।
इतने खर्चे करवा दिए तुमने  मेरे से फिर भी तुम्हारा महीने का कोटा पूरा नहीं हुआ? कबीर ने तंज कसा।
समीरा ने जोरो से हंसकर कहा : हां जैसे कि तुमने ताज महल बनवा दिया है मेरे लिए ।अगर खीसे में दम नहीं रखते हो तो क्या पालोगे हमें जीवन भर ।
ऐसे फटीचरी शनिश्चरी जिंदगी से तो कुंवारे रहना ही अच्छा है।

कम से कम इस बात का टेंशन तो नहीं जाएगा कि भूख और लाचारी मजबूरी से  मरना है ,तो क्या करेंगे आगे का जीवन। पूरी जिंदगी पड़ी है बाल बच्चे घर द्वार खाना-पीना घूमना गाड़ी बंगला नौकर चाकर ऐश कैश कैसे करेंगे हम ना बाबा ना ऐसी जिंदगी से तो तौबा तौबा।

कबीर बाबू यह तो दुनिया का सिद्धांत है कि लोग आपसे पूछेंगे आप कैसे हैं जब तक आपके पास पैसे हैं ।

यही कहोगे ना कि हम तुम्हारे पैसे के पीछे मरते हैं ।अरे तुमसे ज्यादा तो मेरे सहेली  हुमा का दोस्त कमा लेता है। उस पर हजारों खर्च करता है जान छिड़कता है ।

पर उस पर कभी गुस्सा नहीं करता ,बदले में कई मनो क्विंटलो से प्यार पाता है हुमा से । मैं पूछती हूं आखिर कौन अपने साथ सोना, चांदी ,कपड़े , लतते ,धन-धन ले के ऊपर गया है ?

अरे जब तक जीना है शान से जियो ।राजा महाराजा और नवाबजादे की तरह। मैं ऐसे फटीचरों को बिल्कुल पसंद नहीं करती जिनके पास में पैसे कमाने का भी गट्स नहीं है ।

अरे वह खाक पालेंगे अपनी मल्लिका हुस्न को जो अपने आपको अपने मर्दों के हवाले, निछावर कर देती हैं ।जी भर कर प्यार देती है, इंतजार करती है ।उसके लिए अच्छे-अच्छे पकवान खाने बनाती है। उसके घर को सजा के सवार के रखती है।

कबीर समीरा की बातों को बिना टोके सुनता जा रहा था। जिस काम के लिए उसने उसे फोन लगाया था वह काम समीरा ने खुद ही सॉल्व कर दिया था। समीरा तीन-चार दिनों की मुलाकात नहीं होने और खर्च से बचने के लिए कबीर द्वारा पीठ दिखाने की बात से नाराज थी ।

इसलिए एक सांस में ही पूरी बातें झाड़ कर सुना दिया ।

बाजू वाले कमरे से मम्मी की आवाज आ रही थी इसलिए समीरा बहुत धीरे-धीरे बतिया रहे थी। उसकी धीरे बोलने की टोन को सुनकर कबीर यह सोच रहा था कि वह काम की बात तो कर रही है और  अभी उसका मूड अच्छा है। इसलिए उसने सलीम का ऑफर समीरा के सामने रख दिया ।

वो क्या है ना समीरा

सैयां तो बहुत कमात है पर महंगाई डायन खाए जात है ।

यहां डायन तुम नहीं हो महंगाई है ।

अब देखो ना आदमी को सांस लेना पड़ता है तो उसका भी टैक्स चुकाना पड़ता है ।उसमें भी काफी खर्च शासन का आ जाता है अब हर चीज पर टैक्स हर चीज पर खर्च बर्दाश्त नहीं हो पाता ।लेकिन मेरी जान ...यह शरीर यह पैसा यह शानो शौकत वफाये सब कुछ तो तुम्हारा ही है ।

आखिर में तुम्हारे लिए ही तो यह सब बचा कर रखता हूं क्योंकि आपका धन भी कहता है कि तुम मुझे आज बचा लो मैं कल  तुम्हें बचा लूंगा ।

अब उस दिन तुमने मुझे ₹25000 से उतार दिया ।जल्दी फिर से 25000 कमाने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है ।कितना खून पसीना एक करना पड़ता है ।

और लड़कियां तो अपने बाबूओ को ऐसा बाबूलाल भगत बना देती है जैसे गन्ना को चूसते है लोग ।

उसकी तो 1 महीने की पूरी गर्मी उतर जाती है ।

लेकिन मैंने कुछ भी एक ऐसा सोचा है ।अपने और तुम को खर्च और कर्ज को कंट्रोल में रखने के लिए ।

मैं अब जा रहा हूं पार्ट टाइम जॉब शाम रात को करने के लिए।

 जा रहा हूं जिसमें एक जेंट्स और एक लेडीस की पोस्ट खाली है ।

2 घंटे का काम है और रोज के ₹500 महीने में 15000 बन जाएगा एक आदमी का ।
अगर हम और तुम दोनों मिलकर काम कर ले तो 

हम तुम एक होटल में बंद हो और ड्रिंक आ जाए हा हा हा हा हा हा 
कैसा लगा मेरा प्लान ?
अगर आती हो तो आ जाओ तुम मना करोगी तो फिर मैं मीना को देख लूंगा क्योंकि एक फिमेल कैरेक्टर तो चाहिए ही चाहिए।
समीरा वैसे तो पैसे की चाहत में और ज्यादा पैसा पाने की तमन्ना में कबीर को हां करने वाली थी ।

लेकिन ऊपरी दिखावे के लिए उसने थोड़ी सी अनिक्षा भी  दिखाई। झुठी अनिच्छा कुछ ऐसे दिखाई भी की  जैसे उसे कोई रुचि नहीं है।

,लेकिन कबीर ने  जैसे ही मीना कैरेक्टर या उस लड़की का नाम लिया जो रुबीना की दोस्त और रहमान की लवर  थी  समीरा के दिमाग का उसका ट्यूबलाइट  जल उठा।

समीरा ने कहा क्या रुबीना तैयार है ?
एक बार मैंने उससे जिक्र किया था तो उसने कहा था कि तुम मुझको जैसा भी काम हो , बोलना मैं तैयार रहूंगी!
 क्योंकि मुझे तुम पर बहुत ऐतबार है। तुम महिलाओं को लेकर बहुत संवेदनशील रहते हो ।इसलिए मैं हमेशा तुम्हें प्रॉपर रिस्पॉन्स करती हूं ,ऐसा रुबीना ने कहा था। कबीर बोले जा रहा था ।

लेकिन तुम्हारी कसम  .....अभी मैंने उससे पूछा नहीं है ।क्योंकि सबसे पहले प्रायोरिटी तुम ......., सिर्फ तुम  हो ....मेरी हो और इस पर तुम्हारा हक भी बनता है जो कि हमें जीवन में साथ साथ चलने का वादा किया है।

 

 कबीर ने एक झूठ का  भावनात्मक पासा फेका।

अंधा क्या चाहे दो आंखें 

काम कर गई कबीर की ये डायलॉग ।

जो समीरा को इंपॉर्टेंट बनाने के लिए रुबीना के साथ कंपटीशन कराना और उसे अपने काम में साथ साथ लाना ,ताकि फ्यूचर की सभी प्रकार के खर्च को वहन करने के लिए वह तैयार हो जाए और समीरा जान भी जाए जीवन में पैसा कैसे बनता है । पैसा कैसा होता है जिसको लोग दोनों हाथ से उड़ाना चाहते हैं ।उसे पहले दोनों हाथ पकड़ना भी तो जाने ।

मर जाता है  कमाने वाला शख्स काम करते भागते दौड़ते हमेशा  
और चाहता है कि उसके द्वारा कमाए गए रुपए पैसों की कद्र हो ,लोग उसके एक-एक पैसे का सही उपयोग करें।

ठीक वैसे ही महिलाएं चाहती हैं शांति से उनके गाए गुनगुनाए गाना की  कोई तारीफ करे,उनके द्वारा किए गए काम जैसे घर को करीने से साफ सुथरा रखना और अच्छे  बनाए गए खाना की तारीफ सुनना। 
तारीफ सुनना हर कोई चाहता है। अगर झूठी भी हो तो भी कर देनी चाहिए ।मगर सलीके से वरना कभी कभी ये  बाउंस भी हो जाती है। सफल और सुहानी शादीशुदा जीवन का यह मूल मंत्र है ।कुछ ना कहो ..कुछ भी ना कहो.. क्या कहना है ...क्या सुनना है.. यह सबको पता है।
कबीर यह सब सोच ही रहा था कि समीरा ने कहा क्या सोच रहे हो ? कब और कहां मिलना है? बताओ मैं तैयार हूं ।मुझे समझा देना।
 वहीं जहां हम मिलते हैं कबीर ने कहा।
रुको तुम 10:00 बजे सिटी कॉफी हाउस चौक पर मिलना मैं वहीं से तुम्हें पिक कर लूंगा।
इस बार सबको बेसब्री से दोनों अपने निर्धारित समय से 15 मिनट पहले ही कॉफी हाउस चौक में आ गए थे ।कबीर ने इस बार वेन्यू इसलिए बदल दिया था की पिछले शाम को छोटू बेयरे से मिली जानकारी को ताजा नहीं करना चाहता था।
Hiiiiiiiiiiii ☺️ ☺️

चौक में  समीरा बहुत गर्मजोशी के साथ कबीर से लिपट गई।

मेरी जान ..तुम आजकल मुझसे कटे कटे से रहते हो क्या बात है?

चोर मचाए शोर, तेरी दाढ़ी में तिनका है ।

सॉरी ..दाढ़ी नहीं तेरी बाल ल में किसी का तिनका है ।अगर मैं गलत ना हो तो मुझे ऐसी रिपोर्ट मिली है।
 आजकल गम मेरे पास रहते हैं ,
तुम्हारे ना होने से हम गमों के आस-पास होते हैं ,
और आजकल आप गैरों के साथ रहते हैं 
इसलिए हम उदास रहते हैं।
समीरा एक पल के लिए सन्न रह गई ।

लेकिन फिर बैक फुट से फ्रंट फुट में आते हुए जोरदार कवर ड्राइव लगाया। अपने दोनों मुलायम हाथों को कबीर के हाथो में दे कर  अपने होठों को कबीर के चेहरे से लगाकर फुसफुसाई।

देखो जी तेरी यही बतिया दिल को है तड़पाती। तेरी कसम ....प्यार नहीं कम करना .....शक कभी नहीं करना ....

शक की दवा तो  लुकमान के पास भी नहीं थी ।वरना मैं तुम्हें हमेशा के लिए छोड़ जाऊंगी।
मर्द का सीना चौड़ा जरूर होता है लेकिन बहुत गहरा नही होता है ।अगर कोई उसमें डूब ना चाहे तो वह उसे डूबने नहीं दे सकता। तत्काल एक ओर सरका के  अपने होठों पर ले जाता है तो उसे दूसरे छोर पेट के नीचे तक पहुंचाने की कोशिश करता है। वही औरत का सीना छोटा होता है पर्वत नुमा ,लेकिन गहरा इतना जितना समंदर जैसे कई राज दफन हो सकते हैं, जो तीसरे जन्म तक भी नहीं खुल सकते।

 इधर समीरा प्रवीण को कॉन कर रही थी और उधर कबीर अपनी प्लानिंग समझाने के लिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहा था। दोनों एक दूसरे को कॉन कर रहे थे।
समीरा को शायद इस बात का भांन हो गया था की कबीर को उसकी बेवफाई का पता कुछ चल गया  है ।

चौगड़्डे के पास खड़े बच्चे और कुछ राहगीर इस सीन के गवाह हो रहे थे ।इसलिए कबीर का विश्वास जीतने और माहौल को रुमानी करने के लिए कहा कि चलो यहां से दूर किसी रोमांटिक एकांत वाली जगह पर चलते हैं ।वही चल कर बैठते है।
कबीर ने बुलेट स्टार्ट की और संगीता उसके पीछे चिपक कर ऐसे बैठ गई जैसे आज उसे अपने वफाई का सर्टिफिकेट आज फिर से देना हो।

कबीर भी मन ही मन में इसलिए खुश हो रहा था के उसको साथ में काम करने के लिए और किसी दूसरे पार्टनर की जरूरत नहीं होगी ।शायद समीरा मान जाए ।

काम टिपिकल और कठिन तो जरूर था। किसी भी हैंडसम गुड लुकिंग और बातें ज्यादा काम कम करने वाली लड़की को काम पर लगाना दोनों है कठिन काम लग रहे थे आज के माहौल में ।

पता नहीं कैसे किस्मत उसकी साथ दे रही है। यह सोचते सोचते न जाने कब शहर से 25 किलोमीटर दूर एकांत पहाड़ी वाली जगह पर वह लोग आ गए और जो उसे ब्रेक लगने की आवाज़ के साथ ऊंची वाली धुन के साथ गाड़ी रूकती है।

आजकल कैसी गाड़ी चलाते हो? समीरा चिल्लाई।
 कुछ नहीं जब मजे लेना हो तो ऐसी ड्राइविंग करना होता है।

कबीर ने कहकहे लगाते हुए आनंद के साथ कहा।
हां तो कहो क्या पूछना चाहती हो समीरा ने अपनी बाहें कबीर हथेलियों से अपनी हथेलियों को  जोड़ते हुए कहा।
 पहले बैठो तो।
 और इत्मीनान से मुझे कह लेने दो ।
देखो मम्मी पापा मुझे  ड्यूटी के बाद बाहर जाने को अलाउड नहीं करेंगे। अब कोई भी नया काम जो मुझे 10:00 से 5:00 के बीच करना है वह कैसे करना है और क्या करना है तुम बताओ।
 वैसे तो कभी भी इस काम के बारे में बहुत कुछ नहीं जानता  हूं लेकिन उसने एक कयास लगाया  है ।
ठीक है 1 ,2 हवर या  एक आध घंटे अपने काम के बाद और निकाल लेंगे और देखते हैं हमें शायद कुछ पैकेट कुछ क्लाइंट के बीच डिलीवर करना होगा।
पैकेट... यह पैकेट में क्या है क्या हम डिलीवरी एजेंट बनेंगे?
ज्यादा तो मुझे पता नहीं लेकिन हो सकता है इसमें कुछ गोपनीय बात होगी कबीर बोला।
 पहले कंप्यूटर में कुछ कोड डालकर उस पार्सल में हमें वह कोड लिखना होगा ।मिलने वाले को जब वो डिलीवरी मिल जाएगी फिर वह अपना कोड हमें देगा ।बस इतना ही काम है। यदि हम सिर्फ  कोड डालने वाला काम कंप्यूटर पर बैठकर करते हैं तो हमें वापस कोड लाने  के लिए डिलीवरी करने वाले का इंतजार करना होगा ।अब वह पता नहीं 1 घंटे में आता है कि 2 घंटे में और उसमें कोई भी मोबाइल व्हाट्सएप आदि का प्रयोग करना मना है।
हूं ....बहुत गोपनीय और संदेहास्पद काम लग रहा है ।कोई गैरकानूनी काम तो नहीं है जिसे कराने के लिए हमें यूज किया जा रहा हो समीरा ने कहा।
काम को देख कर तो लगता को गोपनीय और संदेहास्पद ही है पर इसके सिवा ना हमें कोई ज्यादा बताया जाएगा ना हमें जानने का काम है ।यदि हम ज्यादा पूछताछ करेंगे तो वह हमारी जगह किसी दूसरे को रखेंगे।
 और काम रोज का भी नहीं है। जब उनके अर्जेंट कॉल आएंगे उसका हमें इंतजार करना होगा ।बाकी समय बैठ कर चैटिंग मौज-मस्ती ।
बस .....लेकिन अगर महीने में 15 से 20 दिन भी काम हो जाता है तो हमारे ऐश करने के खर्चे निकल जाएंगे। और नहीं तो तुम्हें तो पता ही है कि पिछले महीने तुमने मुझे कितने से उतारा है। मेरे क्रेडिट कार्ड में डेढ़ लाख का लोन हो गया है और मैं अपने दोस्तों का भी कर्जदार भी हो गया हूं क्योंकि मेरे कुछ एडवांस और पेमेंट टाइम से नहीं आ रहे है इसलिए मैं आजकल कुछ रिजर्व सा रहता हूं।
बहुत समीरा को समझ में आ गई थी की नो कैश नो ऐश।
अगर तुमने समझ लिया है तो ठीक ही होगा करके देखते हैं सिर्फ झंझट और परेशानियां तो सभी कामों में हैं ।अगर अच्छा लगेगा तो आगे करेंगे नहीं तो ब्लॉक कर देंगे।
कबीर ने सलीम को  वही से फोन लगाया ।
हां भाई पार्टी तैयार है साथ में काम करने को बताओ करना क्या है कब से शुरू करना है? लेकिन पेमेंट हमें टाइम से मिलना चाहिए नहीं तो काम बंद हो सकता है।
 अरे भाई कहो तो पेमेंट में एडवांस में दे दूं ।
अच्छा एडवांस भी चलता है ,अरे साला यह तो क्रेडिट कार्ड हो गया।
दूसरे दिन सलीम कबीर को साथ लेकर के 15 भी माले के ऑफिस में लेकर आ एक केबिन के अंदर ले आया जहां उसने उसे कंप्यूटर का वह सेटअप दिखाया जिसमें उनका सॉफ्टवेयर लोड था। कमरे में ऐसी तेज चलने के कारण काफी ठंडा था ।टेंपरेचर 8 डिग्री के आसपास थी । उस शर्द भरे माहौल में अजीब सी  डरावनी शांति थी मजे की बात उस ऑफिस में गार्ड के सिवा और कोई दूसरा नहीं था ।शायद यह रोबोटाइस्ड ऑफिस था। कबीर ने पूछा भाई साहब इसको चलाता कौन है कबीर ने अपने ओठो के ऊपर उंगली रखकर शांत रहने का आदेश दिया । जब से करोना फैला हुआ है तब से work-from-home कल्चर में काम हो रहा है। इसलिए बॉस इस ऑफिस का दूर से हमें देख रहा है ।और कमांड दे रहा है यह सीसीटीवी कैमरे नहीं देख रहे हो।
और हां चुपचाप केवल देखते जाओ बात करने की मनाही है हमारी सभी बातें वह सुन रहे हैं और पहले ही कह चुके हैं नो बकवास केवल काम की बात।
सॉफ्टवेयर खुल चुका था कंप्यूटर के ऊपर एक कमांड आया जिस पर कुछ कोड लिखे थे ।जो ओटीपी के केपचा जैसे थे।
सलीम ने वो कोड अपनी पॉकेट डायरी में नोट किए और अपना आईडी को डाला कंप्यूटर में ओके का कमांड दिखाया।
ऑफिस से बाहर निकले लिफ्ट में से नीचे होते हुए गाड़ी पार्किंग तक आए पार्किंग के पास एक काले रंग की कार खड़ी थी। जिसने गिलास नीचे किया आर एक हाथ उससे बाहर निकला शायद वह बुर्का नशी थी। इस कारण उसका चेहरा साफ साफ नहीं दिख रहा है और उस पैकेट के ऊपर सलीम ने वह कोर्ट जो डायरी में लिखा था वह नोट कर दिया ।उस पैकेट में एड्रेस लिखा हुआ था ।जिसे लेकर व्हाट्सएप लोकेसन के द्वारा उसका लोकेशन ऐड किया औरअपनी मोटरसाइकिल बुलेट से निकल पड़े जहां यह मटेरियल डीलेबर करना था।
आधे घंटे के टेढ़े मेढ़े रास्ते और ट्रैफिक को पार करते हुए जब उस लोकेशन के पास तक बीप पीप की आवाज सुनाई दी तब हेलमेट निकालकर सलीम ने कहा 
उस घर के बाहर मोबाइल लोकेशन में जहां लाल इंडिकेशन जहां दिख रहा है वहां जाकर खड़े हो जाओ।
 इस पैकेट को लेने वाले खुद आ जाएंगे घर के बाहर। 
कबीर ने कुछ वैसा ही किया।
 घर के बाहर लिखा हुआ था कुत्ते से सावधान ।
अचानक घर से बाहर एक मॉडल जैसी अधेड़ उम्र की महिला बाहर निकली और स्ट्रीट के दोनों तरफ सरसरी निगाह से देखा फिर कबीर से कहा हेलो पार्सल दे दो ।
कबीर ने उसे पार्सल दिया और उससे खुद कोड पूछा ।उसने कैप्चा ओटीपी जैसा 5 अंकों का जो बताया। उसे नोट कर कबीर वापस आ गया। 
बस इतना ही काम था।
 हां चलो अभी हाथ से काम खत्म बात खत्म ।
और पेमेंट कब आएगा ?
वह समझो मैंने आपको अपने क्रेडिट अकाउंट से काट दिया आपके मेरे 500 लेन-देन दारी खाता से खत्म हुआ। आप ...आप अपने दूसरे पार्टनर के साथ जो काम करेंगे उसका आपको जो होगा आपको फोन पे पर  द्वारा किसी तीसरे नंबर से मिल जाएगा और वो नंबर भी बदल बदल कर आपके खाते में पैसा ट्रांसफर करता रहेगा। आप केवल आम गिनने से मतलब करो झाड़ मत गिनो ।
आज का काम खत्म।

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# Continued..........



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